Friday, August 30, 2019

Erectile Dysfunction

नपुंसकता (स्तंभन दोष) का सामान्य अवलोकन

स्तंभन दोष यौन संभोग के लिए पेनिस खड़ा (erection meaning in hindi) न कर पाने को कहते है । इसको नंपुनसकता(impotent meaning in hindi) भी कहते है । यह कभी कभार भी हो सकता है कि मर्दो को यह चिंता के कारण भी हो जाता है । यदि स्तंभन दोष अधिकतर हो रहा है तो यह स्वस्थ संबंधी परेशानी का संकेत भी हो सकता है। स्तंभन दोष भावनात्मक एवं रेलशनशिप संबधी परेशानियों का भी संकेत कराता है।

नपुंसकता (स्तंभन दोष) के कारण

मर्दानी यौन उत्तेजना एक कठिन प्रक्रिया है जिसमे दिमाग, होर्मोन, भावनाये , नर्व , मासपेशियाँ, और रक्त नलिकाओं का शामिल होना आम बात है । नपुंसकता (impotent meaning in hindi) निम्न मे से किसी भी बीमारी के कारण हो सकती है । स्ट्रेस और दिमागी अवस्था इस स्तिथि को और खराब कर सकती है । 

नपुंसकता (स्तंभन दोष) के लक्षण

स्तंभन दोष के निम्नलिखित लक्षण हो सकते है – 
  • इरेक्शन होने में दिक्कत
  • इरेक्शन को यौन सम्भोग दौरान रखने में दिक्कत 
  • यौन में कम दिलचस्पी

नपुंसकता (स्तंभन दोष) का परीक्षण

अधिकतम केवल शारीरिक परीक्षण और डॉक्टर द्वारा प्रशनो के उत्तर देने से ही स्तंभन दोष का  डाईग्नोसिस हो जाता है । 
परन्तु निम्नलिखित टेस्ट किये जा सकते है: 
शारीरिक परीक्षण: इसमे पेनिस और टेस्टिकल्स का परीक्षण होता है और नर्वस को स्टिमुलेशन के लिए चेक किया जाता है|
रक्त परीक्षण : इसमे रक्त परिक्षण से, हृदय की परेशानी , डायबिटीज ,कम टेस्टोस्टेरोन आदि का आकलन किया जाता है 
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Teno 50 mg Tablet

Teno 50 mg Tablet प्रेसक्राइब्ड करने के सामान्य कारण

यह बीटा ब्लॉकर है जो छाती में दर्द और उच्च रक्तचाप के मामलों में मरीज को दिया जाता है। यह शिराओं(वेन) को शिथिल कर देता है और हृदय दर को कम करके रक्त का प्रवाह बढ़ा देता है इस तरह संचार तनाव का दमन करता है।

Teno 50 mg Tablet का प्रयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है

उच्च रक्तचाप, एन्जाइना पेक्टोरिस, हृदय की अनियमित रिद्म, माइग्रेन से बचाव के लिए। एंटेनोलोल बीटा ब्लॉकर्स नामक दवाओं के एक वर्ग से संबंधित है। यह आपके शरीर में कुछ प्राकृतिक रसायनों की क्रिया को बाधित करके काम करता है, जैसे कि एड्रेनालाईन, हृदय और रक्त वाहिकाओं पर। यह परिणाम हृदय गति, दबाव और हृदय पर दबाव कम करता है।

Teno 50 mg Tablet की सामान्य खुराक और इसे लेने का तरीका

वयस्क: एन्जाइना पेक्टोरिस, उच्च रक्तचाप 50-100 मि.ग्रा. रोज़
माइग्रेन से बचाव के लिए- 50-100 मि.ग्रा. प्रतिदिन
हाइपरटेंसन-
वयस्क: 25-50 मिलीग्राम / दिन शुरू में मौखिक रूप से; सौ मिलीग्राम / दिन मौखिक रूप से भी बढ़ाया जाता है

Teno 50 mg Tablet के साइड इफेक्ट (दुष्प्रभाव)

ब्रोंकोस्पास्म, ठण्ड लगना, थकान चक्कर आना, नींद न आने की समस्या होना, भ्रम, सरदर्द, मतली, दस्त, कब्ज़, नपुंसकता, चुभन या गुदगुदी सी महसूस होना(पेरिस्थिसिया), हार्ट फेल होना, 2 व 3 डिग्री ब्लॉक, ऊर्जा में कमी महसूस होना, अजीब से सपने आना।

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Vaginal Dryness

वजाइना का सूखापन / योनि में सूखापन का सामान्य अवलोकन

योनी (vegina meaning of hindi) का सूखापन एक साधारण अपितु ठीक की जा सकने वाली बीमारी है जो अधिकतर  महिलाओं में होता है। ये किसी भी उम्र के दौरान हो सकता है, लेकिन मेनोपॉज़ (मासिक धर्म का बन्द होना) के बाद ये महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलता है।

वजाइना का सूखापन / योनि में सूखापन के कारण

वजाइना (vegina meaning of hindi) का सूखापन मेनोपॉज़ का लक्षण है जो एक तिहाई महिलाओं के साथ होता है। ये वजाइना को कम लचीला बनाता है। इसे वजाइनल अट्रोफ़ी भी कहते हैं। साधारण तौर पर ये शरीर में इस्ट्रोजन की मात्रा कम होने से होता है। 

वजाइना का सूखापन / योनि में सूखापन के लक्षण

वजाइना के सूखा होने से कई प्रकार की समस्याएं आ सकती हैं-
वजाइना में जलन, परेशानी , खुजली
सेक्स के दौरान असहज लगना
सेक्स करने की इच्छा न होना
उत्तेजित होना और ओर्गास्म होने में तकलीफ

वजाइना का सूखापन / योनि में सूखापन का परीक्षण

कोई भी जलन, खुजली, होने पर अपने डॉक्टर या गायनेकोलॉजिस्ट को कॉल करें। वे आपके अतीत की स्वास्थ्य व्यवस्था की पूछताछ कर सकते हैं और यह जान सकते हैं कि आपको ऐसे क्या लक्षण है और कितने समय से थे और यह बिगड़ते जा रहे हैं या ठीक हो रहे हैं|

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Wednesday, August 28, 2019

Scar Revision

स्कार (चोट के निशान) को कम कारने की सर्जरी की शल्य प्रक्रिया का विवरण

दाग या निशान (scars meaning in hindi) रिवीजन प्लास्टिक सर्जरी है जिसके द्वारा निशान के आकार को छोटा करना,निशान कि स्थिति बदलना या निशान के आसपास की गति को को सुधारना जैसे कि निशान का संकुचन। ज्यादा बुरे निशान जिसे बाद में हटा दिया जाता ही के लिए स्किन फ़्लैप्स या ग्राफ्ट का उपयोग होता है।

स्कार (चोट के निशान) को कम कारने की सर्जरी की शल्य प्रक्रिया के कारण

स्कार रिवीजन सर्जिकल प्रक्रिया द्वारा निम्न बीमारियों और अवस्थाओं का उपचार किया जाता है:
1.    कांट्रेकटेड स्कार्स 
2.    केलोइड स्कार्स 
3.    हाइपरट्रोफिक स्कार्स 
4.    अनसाईटली स्कार्स 

स्कार (चोट के निशान) को कम कारने की सर्जरी की शल्य प्रक्रिया का डायग्नोसिस परीक्षण

डायग्नोसिस मरीज की पिछली मेडिकल जानकारी और शारीरिक परीक्षण के आधार पर की जाती है।

स्कार (चोट के निशान) को कम कारने की सर्जरी की पूरी प्रक्रिया

यह सर्जिकल प्रक्रिया काफी व्यकितगत है।अधिकतर सर्जन विभिन्न प्रकार की नॉनसर्जिकल और सर्जिकल प्रक्रियो द्वारा स्कार्स को सही करने का कार्य करते है।
सर्जिकल एक्सिजन

सर्जिकल एक्सिजन वह प्रक्रिया है जिसमे सर्जन स्कार्स को छांट कर स्कार टिश्यू को अलग करके स्कार के  आकर को छोटा कर देते है। यह प्रक्रिया प्रायः बड़े स्कार्स के लिए इस्तेमाल होती है। जब एक्सिजन चरणों में किया जाता है तो इसे सीरियल एक्सिजन कहते है।
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Cold Sores

मुँह के आस पास या चेहरे के अन्य हिस्सों में होने वाले तरल भरे छाले का सामान्य अवलोकन

कोल्ड पीड़ादायक (sore meaning in hindi) लाल, फ्लूइड-भरे छाले होते हैं जो मुँह के पास या चेहरे के अन्य हिस्सों में होते हैं। बहुत कम स्थिति में, कोल्ड सोर्स उंगलियों, नाक या मुँह के अंदर भी हो सकते हैं। यह अक्सर धब्बों के रूप में एक साथ समूह में होते हैं। यह दो हफ़्ते या अधिक समय तक रह सकते हैं।
यह कॉमन वायरस, हर्पीज़ सिम्पलेक्स वायरस के कारण होते हैं। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नज़दीक संपर्क के कारण फैल सकते हैं, जैसे चूमना। यह छाले संक्रामक होते हैं, तब भी जब वे न दिखे।

मुँह के आस पास या चेहरे के अन्य हिस्सों में होने वाले तरल भरे छाले के कारण

सोर हर्पीज़ सिम्पलेक्स वायरस (एचएसवी ) के कारण होता है। हर्पीज़ सिम्पलेक्स वायरस के दो प्रकार हैं : एचएसवी -1 और एचएसवी -2। दोनों एचएसवी -1 और एचएसवी -2 के कारण मुँह के पास और जेनिटल्स में सोर्स होते हैं। त्वचा में या मुँह के अंदर ब्रेक के द्वारा यह वायरस मुँह में घुसता है। यह वायरस तेज़ी से फैलता है जब व्यक्ति छाले को छूता है और फिर शरीर के दूसरे हिस्से में फैलाता है।

मुँह के आस पास या चेहरे के अन्य हिस्सों में होने वाले तरल भरे छाले के लक्षण

एक कोल्ड सोर अक्सर कई पड़ाव से गुज़रता है :
1. झुनझुनी और खुजली : बहुत लोग एक या अधिक दिन के लिए खुजली, जलन या झुनझुनी महसूस करते हैं होंठों के पास, इससे पहले कि एक छोटा, सख्त, दर्दनाक निशान दिखता है और छाले उगते हैं।
2. छाले : कुछ फ्लूइड-भरे छाले अक्सर किनारे के पास होते हैं जहाँ होंठ का बाहरी किनारा त्वचा से जुड़ता है। यह नाक या गाल के पास भी हो सकते हैं।

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Vaginal Yeast Infection

योनि में यीस्ट संक्रमण का सामान्य अवलोकन

वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन या वजाइनल कैंडिडियासीस फंगस के द्वारा होने वाली बीमारी है न कि बैक्टीरिया से। ये संक्रमण तब होता है जब योनी में कैंडिडा अल्बिकैन्स नामक फंगस की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाती है।

योनि में यीस्ट संक्रमण के कारण

खमीर (yeast meaning in hindi) इन्फेक्शन से खुजली या जलन हो सकती है और कभी कभी पेशाब के वक्त या सेक्स के दौरान तकलीफ हो सकती है। ये यीस्ट इन्फेक्शन कैंडिड अल्बिकैन्स जैसे यीस्ट के कारण होता है।

योनि में यीस्ट संक्रमण के लक्षण

वजाइनल यीस्ट इन्फेक्शन में वजाइना में घाव होना, खुजली होना और पेशाब या सेक्स के दौरान दर्द हो सकता है। कभी कभी वजाइना से कुछ मोटा, क्लूमप्य सफ़ेद रंग का पदार्थ  निकलता है जिसमें कोई गंध नहीं होती और कॉटेन चीज जैसा दिखता है| ये लक्षण मेन्सट्रुअल पीरियड के एक सप्ताह पहले शुरू होता है।

योनि में यीस्ट संक्रमण का परीक्षण

वजाइनल इन्फेक्शन की गलत तरीके से भी कल्पना किया जाना आसान है।  अगर कोई संदेह हो तो अपने डॉक्टर से इसके बारे में बात कर लीजिये। अगर आप प्रेग्नेंट हो तो डॉक्टर आपके वजाइना की जांच करवा सकते हैं।
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Levolin 1mg Syrup

Levolin 1mg Syrup प्रेसक्राइब्ड करने के सामान्य कारण

लेवोसाल्बुटामोल ब्रोंकोडाईलेटर की श्रेणी में आता है, लेवोसाल्बुटामोल को levalbuterol के नाम से भी जाना जाता है| यह वायुमार्ग की मांसपेशियों में शिथिलता प्रदान करता है जिससे फेफड़ों में हवा के प्रवाह में सुधार आता है।

Levolin 1mg Syrup का प्रयोग किन परिस्थितियों में किया जाता है

लेवोसाल्बुटामोल का उपयोग क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज(COPD) और अस्थमा के उपचार में 

Levolin 1mg Syrup का सेवन कब नहीं करना चाहिए

अगर आपको इस दवा में मौजूद किसी भी पदार्थ से एलर्जि है तो इसका सेवन ना करें। इस दवा के सेवन से पहले अपने डॉक्टर से अवश्य बात कर लें। 

Levolin 1mg Syrup की सामान्य खुराक और इसे लेने का तरीका

वयस्कों के लिए इन्हेलेशनल एरोसोल के रूप में इसकी अनुशंसित खुराक 1 इन्हेलेशन मौखिक रूप से हर 4 घंटे में होनी चाहिए। इनहेलेशनल सोल्युशन के रूप में वयस्कों के लिए अनुशंसित खुराक 0.63 मिलीग्राम मौखिक रूप से दिन में 3 बार है। लेवोसाल्बुटामोल आमतौर पर अन्य दवाओं के साथ संयोजन में उपलब्ध है। ये आम तौर पर इनहेलेशनल सोल्युशन, इनहेलेशनल एरोसोल, आदि के रूप में मौजूद होते हैं। इसका सेवन ठीक उसी तरह किया जाना चाहिए जैसे यह लेबल में दिया गया है या जैसा कि डॉक्टर या फार्मासिस्ट ने निर्देशित किया है।
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Heart Transplant

हार्ट ट्रांसप्लांट (हृदय प्रत्यारोपण) की शल्य प्रक्रिया के कारण अंतः चरण ह्रदय की विफलता या कुछ अन्य हृदय से संबंधित रोग वाले मरीजों पर ...